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| Wednesday 20 August, 2008 |
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Dil Ka Farmaan
ले कर दिल का फ़र मान कर रहे है हम इंतज़ार बारी आएगी हमारी हो रहे हम बेकरार
बार बार हमे याद दिलाने की हम है अभी अकेले लोग जाते है लेकर साथ अपने करते है परेशान गुज़र जाती है घड़िया इंतज़ार की आते नही पल करता हूँ इंतेज़ार कब आएगा ओ कल!! क्या मिलेगा मुझे उसका प्यार क्या होगा हम दोनो मे इकरार या पड़ेगी हमारे प्यार मे दरार? वक़्त ही करेगा फ़ैसला !! ये है मेरे दिल की तमन्ना मिल जाए मेरी ओ लैला!
आपका सदा वासुदेव बेहेरे!
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